स्वयं प्रकाशन भारत में एक गाइड

अब भारत में स्वयं प्रकाशन अत्यंत प्रचलित हो गया है। यह एक लेख उभरते हुए लेखक के लिए एक मार्गदर्शक है जो अपना पुस्तकों को पारंपरिक प्रकाशकों पर अवलंबन किए बिना बाजार में लाना चाहते हैं। स्वयं प्रकाशन आपको अपने विषय-वस्तु पर पूर्ण नियंत्रण देता है, जिसमें मूल्य निर्धारण, डिज़ाइन और विपणन शामिल हैं।